BJP Rajasthan History

 

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रेल 1980 को हुई किन्तु भारतीय राजनीति में यह पार्टी अचानक प्रकट नहीं हुई।  भारतीय जनता पार्टी वास्तव में जनसंघ का ही पुनर्जन्म था। आपातकाल के बाद बनी जनता पार्टी की सरकार के समय जब जनसंघ के नेताओं के विषय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सम्बन्धों को लेकर दोहरी सदस्यता का मामला जोर पकड़ने लगा तो उन परिस्थितियों में सत्ता सुख को तिलांजलि देते हुए भाजपा का उदय हुआ।

जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रवादी विचारधारा को हाशिये पर जाते देख नए राजनीतिक दल के निर्माण  का विचार किया। डॉ. मुखर्जी  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक श्री माधव सदाशिव गोलवलकर जी ” श्रीगुरुजी ” से मिले।  श्रीगुरुजी ने पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय , श्री अटल बिहारी वाजपेयी , श्री  नानाजी देशमुख तथा श्री सुंदरसिंह भंडारी जैसे रत्न मुखर्जी को सौंपे और कालांतर में इन्ही रत्नों ने पहले जनसंघ तथा बाद में भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से भारतीय राजनीति की दशा और दिशा को एक नया आयाम दिया।

जनसंघ से भाजपा में परिवर्तित हुई भाजपा की बागडोर राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संभाली तो उसी समय राजस्थान में  भाजपा के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी श्री जगदीश माथुर को मिली। सैकड़ों जीवनव्रती कार्यकर्ताओं के बलबूते भाजपा आज चप्पे चप्पे पर नजर आने लगी है। राजस्थान प्रदेश के जनसंघ तथा भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। श्री सुन्दर सिंह भंडारी की सरलता और सादगी तथा श्री भैरोंसिंह शेखावत की दूरदर्शी सोच ने भाजपा को एक नया स्वरुप प्रदान किया।

सांगठनिक कौशल में सिद्ध भाजपा नेताओं की मेहनत उस समय साकार हुई जब  श्री भैरोंसिंह शेखावत प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।  श्री भैरोंसिंह शेखावत ने राजस्थान के गांव गांव घूमकर भाजपा के लिए आधार तो तैयार किया ही था , साथ ही अपनी योग्यता के दम पर देश  के उपराष्ट्रपति बनकर भी उन्होंने प्रदेश का गौरव बढ़ाया। संगठन का लगातार विस्तार होता रहा। भारतीय जनता पार्टी शहरों से आगे बढ़ते हुए कस्बों , गांवों तथा ढाणियों तक पहुँच कर सर्वव्यापी तथा सर्वस्पर्शी बन गई। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की प्रशासनिक दक्षता तथा लोकप्रियता के चलते प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की जड़ें लगातार मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री   वसुंधरा राजे  की दूरदर्शिता पूर्ण नीतियों का प्रदेश को भरपूर लाभ मिल रहा है। रिसर्जेंट राजस्थान से प्रदेश में निवेश के द्वार खुले हैं। भामाशाह  योजना तथा जल स्वावलंबन योजना से लोगों को राहत मिल रही है। न्याय आपके द्वार अभियान से लोगों की दशकों पुरानी समस्याओं का निराकरण हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी सुराज और अंत्योदय की भावना को आत्मसात कर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रही है। पार्टी के संस्कारवान कार्यकर्ता राजनीति के माध्यम से जनसेवा में जुटे हुए हैं।